भगवाननी दयानो भरपूर छे खजानो — Lyrics
ખૂટે નહી કદાપિ એની.. પ્રીતનો ખજાનો
ભગવાનની દયાનો…
લેનાર હોય તેને.. આપે હજાર હાથે
ખાલી ને જાય કોઈ.. દાતાર છે મજાનો
ભગવાનની દયાનો…
એની નજરમાં કોઈ.. ઊંચું નથી કે નીચું
સહુએ છે એક સરીખા.. નાનું ન કોઈ મોટું
ભગવાનની દયાનો…
દેખી શકાય તુજને.. દ્રષ્ટિ નથી અમારી
ઘટઘટ માંહી બિરાજે.. આવીને છાનોમાનો
ભગવાનની દયાનો…
દુઃખિયાનો તું દિલાસો.. ડુબતાનો તું સહારો
શ્રદ્ધાભરી છે હૈયે.. આખર તું તારવાનો
ભગવાનની દયાનો…
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ભક્તિ સ્તવન ગીતો | BHAKTI STAVANS
Bhavarth (भावार्थ)
इस स्तवन का मुख्य भाव है कि भगवान की दया का खजाना असीम है — वह कभी खूटता नहीं। भगवान की नजर में कोई ऊंच-नीच नहीं; दुखियों को दिलासा और डूबतों को सहारा देने वाले प्रभु सबके घट-घट में छिपे बैठे हैं। सच्ची श्रद्धा से जो पुकारता है, भगवान उसे अवश्य तारते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
"भगवाननी दयानो भरपूर छे खजानो" स्तवन का मुख्य संदेश क्या है?
भगवान की दया असीम है — सच्चे मन से मांगने वाले को वे हजार हाथों से देते हैं और कोई खाली हाथ नहीं लौटता।
स्तवन में "ऊंचुं नथी के नीचुं" का क्या अर्थ है?
भगवान की दृष्टि में सब समान हैं — कोई छोटा-बड़ा नहीं; उनकी करुणा सब पर एक जैसी बरसती है।
"घटघट मांही बिराजे" पंक्ति का भाव क्या है?
हमारी दृष्टि प्रभु को देख नहीं सकती, पर वे हर हृदय में छिपे बैठे हैं — वे सर्वव्यापी हैं।
यह स्तवन किन अवसरों पर गाया जाता है?
प्रभु भक्ति, प्रार्थना सभा और मंदिर दर्शन के समय; यह करुणा और शरणागति का भाव जगाने वाला स्तवन है।
