Bhagwan Ni Daya No Bharpur Chhe Khajano Lyrics | Jain Stavan Lyrics | Jain Stuti Stavan

Bhagwan Ni Daya No Bharpur Chhe Khajano - Jain Stavan Lyrics

संक्षिप्त उत्तर: यह पोस्ट 'भगवाननी दयानो भरपूर छे खजानो' स्तवन के बोल गुजराती, हिंदी और हिंग्लिश तीनों भाषाओं में प्रस्तुत करती है। इसमें भगवान की असीम दया, करुणा और समान दृष्टि का गुणगान है — जो भी सच्चे मन से मांगता है, उसे भगवान हजार हाथों से देते हैं। भक्ति भाव जगाने वाला यह स्तवन हर जैन भक्त के लिए प्रेरणादायक है।

भगवाननी दयानो भरपूर छे खजानो — Lyrics

ભગવાનની દયાનો.. ભરપૂર છે ખજાનો
ખૂટે નહી કદાપિ એની.. પ્રીતનો ખજાનો
ભગવાનની દયાનો…

લેનાર હોય તેને.. આપે હજાર હાથે
ખાલી ને જાય કોઈ.. દાતાર છે મજાનો
ભગવાનની દયાનો…

એની નજરમાં કોઈ.. ઊંચું નથી કે નીચું
સહુએ છે એક સરીખા.. નાનું ન કોઈ મોટું
ભગવાનની દયાનો…

દેખી શકાય તુજને.. દ્રષ્ટિ નથી અમારી
ઘટઘટ માંહી બિરાજે.. આવીને છાનોમાનો
ભગવાનની દયાનો…

દુઃખિયાનો તું દિલાસો.. ડુબતાનો તું સહારો
શ્રદ્ધાભરી છે હૈયે.. આખર તું તારવાનો
ભગવાનની દયાનો…

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Bhavarth (भावार्थ)

इस स्तवन का मुख्य भाव है कि भगवान की दया का खजाना असीम है — वह कभी खूटता नहीं। भगवान की नजर में कोई ऊंच-नीच नहीं; दुखियों को दिलासा और डूबतों को सहारा देने वाले प्रभु सबके घट-घट में छिपे बैठे हैं। सच्ची श्रद्धा से जो पुकारता है, भगवान उसे अवश्य तारते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

"भगवाननी दयानो भरपूर छे खजानो" स्तवन का मुख्य संदेश क्या है?

भगवान की दया असीम है — सच्चे मन से मांगने वाले को वे हजार हाथों से देते हैं और कोई खाली हाथ नहीं लौटता।

स्तवन में "ऊंचुं नथी के नीचुं" का क्या अर्थ है?

भगवान की दृष्टि में सब समान हैं — कोई छोटा-बड़ा नहीं; उनकी करुणा सब पर एक जैसी बरसती है।

"घटघट मांही बिराजे" पंक्ति का भाव क्या है?

हमारी दृष्टि प्रभु को देख नहीं सकती, पर वे हर हृदय में छिपे बैठे हैं — वे सर्वव्यापी हैं।

यह स्तवन किन अवसरों पर गाया जाता है?

प्रभु भक्ति, प्रार्थना सभा और मंदिर दर्शन के समय; यह करुणा और शरणागति का भाव जगाने वाला स्तवन है।


 

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